क्या आपको अभी भी समझ नहीं आ रहा कि बड़े होकर आप क्या बनना चाहते हैं? ये 4 आसान कदम आपको तुरंत अपने लक्ष्य की ओर ले जाएंगे!
क्या आपको यह सवाल सुनकर घबराहट होती है: ‘बड़े होकर आप क्या बनना चाहते हैं?’ चिंता न करें, आप अकेले नहीं हैं और पढ़ाई का क्षेत्र चुनने के बाद भी आपके पास कई विकल्प मौजूद हैं। लेकिन शुरुआत कहाँ से करें? यह जानने के कई आसान और कारगर तरीके हैं कि अभी आपके लिए सबसे उपयुक्त क्या है।

“बड़े होकर क्या बनना है?” अगर इस सवाल को सुनकर आपका भी दिमाग सुन्न हो जाता है, तो इधर आओ!
बचपन का वो दौर याद है? जब भी कोई पूछता था कि बड़े होकर क्या बनोगे, तो हम बिना सोचे बोल देते थे— डॉक्टर, पुलिस या सीधे सुपरमैन! तब सोचना कितना आसान था न? लेकिन जैसे ही स्कूल की दहलीज पार होती है और कॉलेज सामने आकर खड़ा होता है, तो यही सीधा सा सवाल रातों की नींद हराम करने लगता है। अचानक से सब सीरियस हो जाते हैं और समझ नहीं आता कि पैर कहाँ रखें।
अगर आप भी आज इसी कश्मकश में जी रहे हो कि आगे कौन सा कोर्स चुनें या किस फील्ड में अपनी किस्मत आज़माएं, तो सबसे पहले लंबी सांस लो और दिमाग से सारा प्रेशर निकाल फेंको। सच तो ये है भाई, कि 12वीं पास करने के बाद भी देश के आधे से ज़्यादा लड़के-लड़कियां पूरी तरह ब्लैंक होते हैं कि उन्हें लाइफ में करना क्या है। और इसमें कोई पापकर्म नहीं है, सब नॉर्मल है। इस कन्फ्यूजन के जाले को साफ़ करने के लिए यहाँ 4 बहुत ही प्रैक्टिकल और देसी तरीके दिए गए हैं, जो आपके काम को बेहद आसान बना देंगे।
1. सबसे पहले खुद का ‘इंटरेस्ट’ टटोलो, दूसरों की देखा-देखी मत करो
करियर का चुनाव कभी भी पड़ोस वाले भैया का पैकेज देखकर या दोस्तों के पीछे-पीछे भागकर नहीं होना चाहिए। सबसे पहले खुद से पूछो कि वो कौन सी चीज़ है, जिसे करते हुए आप बोर नहीं होते या जिसके बारे में आप बिना किसी दबाव के घंटों पढ़ या सोच सकते हो?
- अगर आपको नई भाषाएं और घूमना-फिरना पसंद है: कुछ लोगों को नई-नई बोलियां सीखना, अलग-अलग देशों के बारे में जानना और लोगों से गप्पें मारना बहुत अच्छा लगता है। अगर आपका भी ऐसा ही मिजाज है, तो आपके लिए बहुत ही मस्त रास्ते खुले हैं। आजकल सिर्फ हिंदी-इंग्लिश तक सीमित मत रहो; कोरियन, जापानी, जर्मन या फ्रेंच जैसी भाषाओं की मार्केट में जबरदस्त वैल्यू है। आप इंटरनेशनल स्टडीज या फॉरेन लैंग्वेज के कोर्सेज करके ग्लोबल कंपनियों में मोटी सैलरी पा सकते हो।
- अगर गैजेट्स, कोडिंग और लॉजिक में दिमाग चलता है: अगर आपको मैथ्स की गुत्थियां सुलझाना या कंप्यूटर की स्क्रीन पर कोडिंग करना पसंद है, तो ज़रूरी नहीं कि आप पुराने ढर्रे पर चलकर सिर्फ इंजीनियरिंग की ही भेड़चाल में शामिल हो जाओ। आज का दौर बदल चुका है। डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पर्यावरण विज्ञान जैसे बिल्कुल नए और धांसू फील्ड्स आ चुके हैं, जहाँ आने वाले समय में नौकरियों की बाढ़ आने वाली है।
- अगर आपको डिबेट करना और सामाजिक मुद्दे अच्छे लगते हैं: क्या आपका दिमाग भी हमेशा इस बात पर दौड़ता है कि देश का सिस्टम कैसे काम करता है? कानून क्यों बनते हैं या राजनीति का आम लोगों पर क्या असर पड़ता है? अगर इन चीज़ों को देखकर आपके अंदर का खून उबलता है या दिलचस्पी जागती है, तो लॉ (Law), पॉलिटिकल साइंस या फिर आज के समय का सबसे हॉट टॉपिक— साइबर सिक्योरिटी आपके लिए बेस्ट ऑप्शंस हैं।
- अगर मेडिकल और लोगों की सेवा में मन रमता है: जब भी मेडिकल फील्ड का नाम आता है, तो लोग सिर्फ सुई-दवाई और डॉक्टर के बारे में ही सोचते हैं। लेकिन भाई, यह दुनिया इससे कहीं बड़ी है। आप बायोमेडिकल साइंस या फार्मास्यूटिकल रिसर्च (दवाइयां बनाने वाले फील्ड) में जाकर भी बिना डॉक्टर का कोट पहने लाखों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में अपना योगदान दे सकते हो।
- अगर इंसानी दिमाग और लोगों का बर्ताव नोटिस करते हो: क्या आप भी अक्सर दोस्तों या अजनबियों के हाव-भाव देखकर उनके दिमाग को पढ़ने की कोशिश करते हो? क्या आपको यह जानने में मजा आता है कि समाज कैसे बदल रहा है? अगर हाँ, तो साइकोलॉजी (Psychology) या सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र) जैसे सब्जेक्ट्स आपके लिए ही बने हैं। ये कोर्सेज आपको दुनिया को एक बिल्कुल नए चश्मे से देखना सिखाते हैं।
2. एक 10 मिनट का ‘करियर टेस्ट’ देकर देखो
कई बार हम खुद को लेकर इतने उलझे होते हैं कि हमें अपनी ही ताकत का अंदाज़ा नहीं होता। ऐसी सिचुएशन में इंटरनेट पर मौजूद कोई भी अच्छा और बिल्कुल मुफ्त ‘करियर चॉइस टेस्ट’ देकर देख लो। इसका मतलब यह नहीं है कि ये टेस्ट कोई जादू की छड़ी हैं, लेकिन हाँ, 10-15 मिनट के कुछ मजेदार सवालों के जवाब देकर आपको यह जरूर पता चल जाएगा कि आपकी पर्सनैलिटी के हिसाब से कौन सा काम आपके लिए एकदम फिट बैठेगा।
3. कोई हड़बड़ी नहीं है, थोड़ा रुको और इंटरनेट पर रिसर्च करो
आजकल के छात्र यह सोचकर डिप्रेशन में आ जाते हैं कि अगर उन्होंने तुरंत कोई बड़ा फैसला नहीं लिया, तो वो जिंदगी की रेस में सबसे पीछे छूट जाएंगे। पर भाई, करियर चुनना कोई 100 मीटर की दौड़ नहीं है कि जो पहले भागा वही जीतेगा। आज के डिजिटल ज़माने में यूट्यूब और गूगल पर हर एक कोर्स की पूरी जन्मकुंडली मौजूद है। जिस भी फील्ड में थोड़ा-बहुत मन कर रहा हो, उसके वीडियोज़ देखो, वहां पढ़ रहे छात्रों के ब्लॉग्स पढ़ो। कई बार जो कोर्स बाहर से बहुत चमक-दमक वाला दिखता है, अंदर जाने पर उसकी सच्चाई कुछ और होती है। इसलिए जितनी ज़्यादा रिसर्च करोगे, उतना ही सही फैसला कर पाओगे।
4. कॉलेजों के ‘ओपन डे’ और करियर इवेंट्स में चक्कर मारो
सिर्फ घर बैठे लैपटॉप की स्क्रीन पर कॉलेजों की वेबसाइट देखने से पूरी पिक्चर कभी साफ़ नहीं होती। जब भी आपके आस-पास किसी अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी का ‘ओपन डे’ (Open Day) हो, तो वहां दोस्तों के साथ घूमने ज़रूर जाओ। कैंपस के माहौल को अपनी आँखों से देखो, वहां पढ़ रहे सीनियर स्टूडेंट्स से बात करो और प्रोफेसर्स से अपने मन के सारे ऊटपटांग सवाल पूछ डालो। यकीन मानो, किसी कैंपस में बिताए गए वो दो-चार घंटे आपको वो प्रैक्टिकल बातें सिखा देंगे जो इंटरनेट की कोई वेबसाइट नहीं बता सकती।
चलते-चलते एक आखिरी बात…
अगर आज की तारीख में भी आपको नहीं पता कि आपको जिंदगी में आगे क्या करना है, तो खुद को कोसना बंद करो और फालतू का प्रेशर मत लो। हर किसी के सीखने और समझने की उम्र अलग होती है। कुछ लोगों को 15 साल की उम्र में अपना गोल मिल जाता है, तो कुछ लोग कॉलेज पूरा करने के बाद अपनी असली पसंद खोज पाते हैं।
महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आज आपके पास सारे जवाब हों। महत्वपूर्ण यह है कि आप हार न मानें, नए-नए ऑप्शंस को एक्सप्लोर करते रहें और खुद पर भरोसा रखें। सही करियर अक्सर अचानक नहीं मिलता, बल्कि उसे धीरे-धीरे ढूंढने से रास्ता साफ़ होता है। सब बढ़िया होगा, लोड मत लो!
सही करियर कैसे चुनें
करियर प्लानिंग
पढ़ाई का सही क्षेत्र कैसे चुनें
